15 सितंबर, 2025 को महाविद्यालय के हिंदी साहित्य सभा द्वारा हिंदी दिवस का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर, हिंदी भाषा के महत्व और गौरव को दर्शाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद, विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के इतिहास और भारत में उसकी वर्तमान स्थिति से परिचित कराया गया।
इस अवसर पर आयोजित प्रमुख गतिविधियाँ:
* साहित्यिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता: इस प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी साहित्यिक जानकारी का परिचय दिया। प्रतिभागियों ने भारतीय साहित्य, लेखकों, और रचनाओं से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसमें पहले लिखित परीक्षा (MCQ) हुई जिसमें 20 विद्यार्थी शामिल हुए जिनमें से 11 विद्यार्थी अलगे राउंड में पहुंचे
इसमें 3 टीमें- नागार्जुन टीम, जयशंकर प्रसाद टीम और प्रेमचंद टीम शामिल थी ।
नागार्जुन टीम (मुस्कान, वंदना, कामना देवी ) प्रथम स्थान पर रही
* निबंध लेखन: 1.पर्यावरण संरक्षण और युवा पीढ़ी की भूमिका
2.असफलता सफलता की पहली सीढ़ी
3.कॉलेज के बाद का जीवन: सपने और वास्तविकता
4.किताबें बनाम इंटरनेट: ज्ञान का असली स्रोत क्या है
विषय पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में छात्रों ने अपने विचारों को कलमबद्ध किया।
प्रथम स्थान – अनीता देवी
द्वितीय स्थान – कामना देवी
तृतीया स्थान – सिमरन डोगरा
इन प्रतियोगिताओं के साथ-साथ, कुछ छात्रों द्वारा बुकमार्क निर्माण और प्रसिद्ध रचनाकारों की चर्चित पंक्तियों से जुड़े चार्ट की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। शिक्षकों ने इस प्रदर्शनी का दौरा किया और छात्रों के प्रयासों की सराहना की, जिससे उनका उत्साह बढ़ा।
प्राचार्या महोदया ने अपने संबोधन में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए छात्रों और हिंदी विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा न केवल हमारी पहचान है, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं का भी अभिन्न अंग है।
सभी सहायक आचार्यों डॉ. राजेश कुमार शर्मा, संभ्रांत शुक्ला, सुश्री ज्योति चौधरी, विशाल, श्रीमती स्नेहदीप ने हिंदी कविता का पाठ किया और विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ दी।